CM विजय का AI डीपफेक वीडियो बनाकर ठगी की कोशिश, FIR दर्ज
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के नाम और चेहरे का इस्तेमाल कर AI से बनाया गया एक फर्जी वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस वीडियो के जरिए लोगों को गुमराह कर ठगी करने की कोशिश किए जाने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद साइबर क्राइम टीम ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसमें AI डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री की तरह दिखने और बोलने वाला फर्जी वीडियो तैयार किया गया।
जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे इस फर्जी वीडियो में AI की मदद से मुख्यमंत्री विजय का चेहरा और आवाज तैयार की गई थी। वीडियो के जरिए लोगों को एक WhatsApp नंबर से जुड़ने के लिए कहा गया। आशंका है कि इस तरीके का इस्तेमाल लोगों से निजी जानकारी हासिल करने या आर्थिक ठगी करने के लिए किया जा रहा था।
मामला सामने आने के बाद पुलिस और साइबर क्राइम अधिकारियों ने सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में कुछ ऐसे Facebook अकाउंट भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिनके पाकिस्तान से जुड़े होने का संदेह है। हालांकि, इन अकाउंट्स और पूरे नेटवर्क की वास्तविक भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी वीडियो किसने बनाया, इसे सोशल मीडिया पर सबसे पहले किसने अपलोड किया और WhatsApp के जरिए लोगों को जोड़ने के पीछे असली मकसद क्या था। संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि फर्जी अकाउंट और वीडियो के स्रोत तक पहुंचा जा सके।
यह मामला एक बार फिर बताता है कि AI तकनीक का गलत इस्तेमाल कितना खतरनाक हो सकता है। डीपफेक वीडियो में किसी व्यक्ति के चेहरे और आवाज को इस तरह बदला जा सकता है कि देखने वाले को वह असली लग सकता है। ऐसे में सोशल मीडिया पर किसी नेता या बड़ी हस्ती के नाम से सामने आने वाले वीडियो और आर्थिक मदद के दावों पर तुरंत भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है।



