पूर्वोत्तर के लिए बड़ा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान
भारत के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘चिकन नेक’ रेल कॉरिडोर को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इस क्षेत्र में अब चौथी रेलवे लाइन बिछाने को मंजूरी दी गई है। यह रेल गलियारा पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने में बेहद अहम भूमिका निभाता है। असम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों तक रेल और सड़क संपर्क इसी संकरे गलियारे से होकर गुजरता है।
पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने कटिहार रेल मंडल कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि मालदा-न्यू जलपाईगुड़ी रेल खंड पूर्वोत्तर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रेल मार्ग है। उन्होंने बताया कि पहले इस खंड में तीसरी रेल लाइन का प्रस्ताव था, लेकिन अब चौथी लाइन को भी मंजूरी मिल गई है।
रणनीतिक क्षेत्र में बढ़ेगी रेल क्षमता
रेलवे के मुताबिक, चिकन नेक क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में यहां रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। चौथी रेल लाइन बनने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। इससे पूर्वोत्तर राज्यों तक संपर्क को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा तिनमई घाट से बागडोगरा के बीच करीब 29 किलोमीटर लंबी दोहरी भूमिगत रेल परियोजना भी प्रस्तावित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल है। रेलवे का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पूरे रेल कॉरिडोर की क्षमता और कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
बारसोई में भी रेलवे लाइन का दोहरीकरण
महाप्रबंधक ने बताया कि बारसोई खंड में रेल लाइन के दोहरीकरण का काम भी जारी है। यात्रियों और माल ढुलाई का दबाव लगातार बढ़ने के कारण रेलवे अपने बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रहा है।
रेलवे के अनुसार, पिछले साल अलग-अलग मार्गों पर 42 नई ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं, जबकि यात्रियों की सुविधा के लिए करीब 250 नए स्टॉपेज भी दिए गए। इससे छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों के यात्रियों को रेल नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिली है।
न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन बनेगा विश्वस्तरीय
न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का काम भी तेजी से चल रहा है। इस परियोजना को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्टेशन पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है।
वहीं हल्दीबाड़ी स्टेशन पर भी विकास कार्य शुरू हो चुका है। इसके अलावा जोगबनी, राधिकापुर और बालुरघाट से नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने की दिशा में भी रेलवे प्रयास कर रहा है। इन सेवाओं के शुरू होने से सीमावर्ती और दूरदराज के क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।




