राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान डीम्ड विश्वविद्यालय द्वारा बूंदी जिले के अनुसूचित जाति एवं जनजाति बहुल क्षेत्रों में संचालित पांच दिवसीय चल चिकित्सा शिविर के तहत शुक्रवार को छपावदा गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विभिन्न रोगों से पीड़ित ग्रामीणों को निःशुल्क परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया।
शिविर के दौरान अम्लपित्त, दुर्बलता, पाण्डु, ज्वर, संधिशूल, वात विकार, कास, अंगमर्द, उदरशूल, अर्श, कटिशूल सहित विभिन्न रोगों से पीड़ित कुल 163 मरीजों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। साथ ही ग्रामीणों को स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार-विहार तथा रोगों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया गया।
जिला आयुर्वेद चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. सुनील कुशवाह ने बताया कि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के निर्देशन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से इन विशेष चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पांच दिनों में आयोजित विभिन्न शिविरों के माध्यम से अब तक कुल 691 मरीज लाभान्वित हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने शिविर के सफल आयोजन के लिए राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान मानद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा, शिविर समन्वयक प्रभारी प्रो. डॉ. मोहर पाल मीणा तथा शिविर प्रभारी डॉ. घनश्याम भरनावा का आभार व्यक्त किया।
शिविर में डॉ. अनिल कुमार, डॉ. अंकित चतुर्वेदी, स्टाफ नर्स तिलक राज शर्मा तथा सुरक्षा प्रहरी सहित अन्य कार्मिकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इस स्वास्थ्य सेवा अभियान के अंतर्गत शिवशक्ति का खेड़ा, श्योपुरिया की बावड़ी एवं मण्डावरा गांवों में भी चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए, जहां ग्रामीणों को आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिला।
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