चारभुजा मंदिर में छप्पन भोग महोत्सव, महिला श्रद्धालुओं ने की विशेष पूजा-अर्चना
शहर के प्राचीन चारभुजा मंदिर में आयोजित 31 दिवसीय ईदक महोत्सव के तहत महिला श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान चारभुजानाथ को छप्पन भोग अर्पित किया। धार्मिक वातावरण के बीच आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
महोत्सव के दौरान भगवान चारभुजानाथ को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। मंदिर व्यवस्थापकों एवं श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी की पूजा-अर्चना कर विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर रहा और श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के माध्यम से अपनी आस्था व्यक्त की।
महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान चारभुजानाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
पंडित मुन्नालाल शर्मा ने बताया कि पृथ्वीलोक पर भगवान श्रीकृष्ण की आराधना को अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है और उनके बाल स्वरूप की उपासना को सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। उन्होंने कहा कि द्वारकाधीश भगवान की पूजा-अर्चना से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सनातन संस्कृति में श्रीकृष्ण भक्ति के अनेक स्वरूप प्रचलित हैं, जिनमें झूला झुलाना, भगवान की मनुहार करना तथा सात्विक भाव से सेवा करना प्रमुख हैं।
उन्होंने बताया कि भगवान गोविंद की विभिन्न सेवाओं में छप्पन भोग का विशेष महत्व है। यह परंपरा श्रद्धा, समर्पण और भक्ति का प्रतीक मानी जाती है, जिसके माध्यम से भक्त अपने आराध्य के प्रति प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
इस अवसर पर उमा देवी मानधनिया, इंद्रा देवी, कांता पुजारी, गीता चौखड़ा, भगवती पुजारी, संपति सोनी, कोमल सोनी सहित अनेक महिला श्रद्धालु उपस्थित रहीं और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।




