चंद्रशेखरन फिर बने टाटा संस चेयरमैन, TCS समेत शेयरों में गिरावट
टाटा ग्रुप में चेयरमैन पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच N. चंद्रशेखरन की Tata Sons के Executive Chairman के तौर पर दोबारा नियुक्ति हो गई है। Tata Sons के बोर्ड ने 17 सितंबर 2026 को उन्हें मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद अगले पांच साल के लिए फिर नियुक्त करने का फैसला किया।
हालांकि, इस फैसले के अगले दिन यानी शुक्रवार, 18 सितंबर को टाटा ग्रुप की कई लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Tata Chemicals, Tata Investment Corporation, Tata Motors Passenger Vehicles, TCS और Tata Power समेत कई शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
चंद्रशेखरन को पांच साल का एक्सटेंशन
Tata Sons बोर्ड ने चंद्रशेखरन को उनके मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति के बाद पांच साल का नया कार्यकाल देने का निर्णय लिया है। इससे पहले अगस्त 2026 में चंद्रशेखरन ने कहा था कि वह अपने मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति के बाद दोबारा पद नहीं लेना चाहते। इसके बाद Tata Sons की Nomination and Remuneration Committee ने सितंबर की शुरुआत में उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था।
17 सितंबर की बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन ने बोर्ड के अनुरोध पर अपने फैसले पर दोबारा विचार किया और बोर्ड ने बहुमत से उन्हें अगले पांच साल के लिए Executive Chairman के रूप में नियुक्त करने का फैसला किया।
Noel Tata ने किया फैसले का विरोध
इस नियुक्ति पर Tata Trusts के चेयरमैन Noel Tata ने विरोध में वोट किया। रिपोर्टों के मुताबिक बोर्ड के अधिकांश सदस्यों ने चंद्रशेखरन के पुनर्नियुक्ति प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि Noel Tata ने इसके खिलाफ मतदान किया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच Tata Trusts और Tata Sons के बीच Tata Sons की संभावित लिस्टिंग को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं। Tata Sons बोर्ड ने RBI के लागू दिशानिर्देशों के अनुरूप आगे की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
Tata Group Stocks में क्यों आई गिरावट?
शुक्रवार को Tata Group के कई शेयरों में गिरावट देखने को मिली। Reuters के अनुसार शुरुआती कारोबार में Tata Chemicals करीब 7.4 फीसदी तक गिरा, जबकि Tata Investment Corporation लगभग 3.1 फीसदी और Tata Motors Passenger Vehicles करीब 2.9 फीसदी नीचे आया। Tata Power में भी करीब 1.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
TCS भी दबाव में रहा और शुरुआती कारोबार में इसमें करीब 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में Tata Sons की लिस्टिंग, बोर्ड के फैसले और Tata Trusts के साथ मतभेदों से जुड़े घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
Tata Sons की लिस्टिंग भी चर्चा में
Tata Sons के बोर्ड ने RBI के दिशानिर्देशों के अनुपालन के लिए जरूरी कदम उठाने का फैसला किया है। इससे Tata Sons की संभावित सार्वजनिक लिस्टिंग का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अभी किसी IPO की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।



