चमोली टनल हादसे में बड़ा नुकसान
उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। निर्माणाधीन सुरंग के अंदर अचानक पानी और भारी मलबा घुसने से कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 3 मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत-बचाव टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया।
सुरंग में अचानक घुसा पानी और मलबा
बताया जा रहा है कि मजदूर सुरंग के अंदर पहली शिफ्ट में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज हुई और सुरंग के अंदर पानी के साथ भारी मलबा भरने लगा। देखते ही देखते काम कर रहे मजदूर मुश्किल में फंस गए। हादसे के बाद रेस्क्यू टीमों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया।
NDRF, SDRF और ITBP की टीमें सुरंग के अंदर लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। रेस्क्यू के दौरान घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत टीमों की कोशिश है कि सुरंग में फंसे या लापता मजदूरों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी खराब मौसम के बीच पीपलकोटी पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और राहत-बचाव एजेंसियों से स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए।
सीएम धामी ने राहत कार्य में लगी टीमों से बातचीत कर अभियान की प्रगति जानी और घायलों के इलाज को लेकर भी जानकारी ली। प्रशासन की ओर से सुरंग के अंदर हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
झारखंड के मजदूरों को लेकर हेमंत सोरेन ने की बात
हादसे के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत की। बताया जा रहा है कि सुरंग में झारखंड के मजदूर भी काम कर रहे थे। हेमंत सोरेन ने मजदूरों की स्थिति और रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर जानकारी ली।




