चंबल नदी में डूबे भाई-बहन के शव बरामद
सवाई माधोपुर जिले के खण्डार क्षेत्र में चंबल नदी में डूबे भाई-बहन के शव गुरुवार को सर्च अभियान के दौरान बरामद कर लिए गए। हादसा खण्डार शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर झरेल के बालाजी क्षेत्र में हुआ था। मृतकों की पहचान बहरावंडा खुर्द निवासी गणपत सैनी और उनकी बहन अंतिमा सैनी के रूप में हुई है। दोनों नागाराम सैनी के पुत्र-पुत्री थे।
दर्शन के लिए गए थे झरेल के बालाजी
जानकारी के अनुसार, दोनों भाई-बहन बुधवार को झरेल के बालाजी मंदिर में दर्शन करने गए थे। इसके बाद वे चंबल नदी क्षेत्र में गए, जहां हादसा हो गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से नदी में दोनों की तलाश शुरू की गई, लेकिन बुधवार को उनका पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के बाद सर्च अभियान रोकना पड़ा।
गुरुवार सुबह फिर शुरू हुआ सर्च अभियान
गुरुवार सुबह पुलिस, सिविल डिफेंस और स्थानीय लोगों की मदद से दोबारा तलाश शुरू की गई। अभियान के दौरान पहले गणपत सैनी का शव बरामद हुआ।
इसके बाद टीम ने लगातार तलाश जारी रखी। काफी प्रयास के बाद दोपहर में अंतिमा सैनी का शव भी बरामद कर लिया गया।
गांव में शोक का माहौल
भाई-बहन की मौत की खबर से बहरावंडा खुर्द गांव में शोक की लहर है। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में गम का माहौल है।



