CG Ration: अब तीन महीने का राशन एक साथ, लेकिन सिस्टम पर बढ़ा दबाव
छत्तीसगढ़ में राशन वितरण को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर अब पात्र राशनकार्डधारियों को तीन महीने का राशन एक साथ देने का फैसला लिया गया है। यह व्यवस्था अप्रैल, मई और जून माह के लिए लागू की गई है, जिससे लाभार्थियों को बार-बार दुकानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
हालांकि, इस फैसले के साथ ही भंडारण और परिवहन की समस्याएं भी सामने आ रही हैं, जिससे वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
किन योजनाओं के तहत मिलेगा राशन?
यह व्यवस्था सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत लागू की गई है। इसमें शामिल हैं:
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA)
छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम
मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना
इन योजनाओं के तहत आने वाले अन्त्योदय, प्राथमिकता, निराश्रित और निशक्तजन राशनकार्डधारियों को तीन महीने का चावल एकमुश्त दिया जाएगा।
दुकानों में सूचना देना अनिवार्य
सरकार ने सभी उचित मूल्य दुकानों को निर्देश दिया है कि वे तीन महीने के राशन वितरण की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें। इससे सभी हितग्राहियों को समय पर सूचना मिल सके और वे एक साथ राशन उठा सकें।
साथ ही, प्रत्येक वितरण के बाद ई-पॉस मशीन से रसीद देना भी अनिवार्य किया गया है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
भंडारण और परिवहन बनी बड़ी चुनौती
रायपुर जिले में पहले से ही खाद्यान्न भंडारण की समस्या बनी हुई है। अब तीन महीने का राशन एक साथ वितरित करने के आदेश के बाद स्थिति और जटिल हो गई है।
सूत्रों के अनुसार:
गोदामों से पर्याप्त मात्रा में ट्रांसपोर्ट नहीं हो पा रहा
रोजाना जरूरत के मुकाबले आधी गाड़ियां ही लग रही हैं
एक गाड़ी सिर्फ एक ही फेरा लगा पा रही है
इस कारण कई उचित मूल्य दुकानों तक समय पर चावल और अन्य सामग्री नहीं पहुंच पा रही है।
प्रभावित क्षेत्र
भनपुरी, मंदिर हसौद और धरसींवा जैसे क्षेत्रों में सप्लाई प्रभावित होने की खबर है। यहां संचालित कई राशन दुकानों में समय पर स्टॉक नहीं पहुंच पा रहा, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है।
क्या होगा आगे?
सरकार का यह फैसला लाभार्थियों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है, लेकिन यदि भंडारण और ट्रांसपोर्ट की समस्याएं जल्द नहीं सुलझीं, तो इसका असर वितरण पर साफ नजर आ सकता है।




