CBSE थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और NCERT को नोटिस, क्या टल जाएगा नया नियम?
नई दिल्ली। CBSE की प्रस्तावित थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी (Three Language Policy) को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और NCERT को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि, सर्वोच्च अदालत ने फिलहाल इस नीति पर तत्काल रोक लगाने से इनकार करते हुए पहले सभी पक्षों की दलीलें सुनने का फैसला किया है।
यह मामला नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत लागू किए जा रहे भाषा संबंधी प्रावधानों से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई भाषा नीति को लागू करने से पहले विभिन्न संवैधानिक और व्यावहारिक पहलुओं पर विचार किया जाना आवश्यक है।
क्या है पूरा मामला?
याचिका में CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को चुनौती देते हुए कहा गया है कि इसके क्रियान्वयन से छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों पर अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव पड़ सकता है। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि भाषा चयन और शिक्षा के अधिकार से जुड़े कई संवैधानिक प्रश्न इस नीति से जुड़े हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) से जवाब मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही लिया जाएगा।
क्या फिलहाल रुकेगी थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी?
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस नीति पर अंतरिम रोक (Stay) लगाने से इनकार किया है। यानी जब तक अदालत कोई नया आदेश नहीं देती, तब तक नीति से संबंधित प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक नहीं लगेगी। हालांकि अंतिम फैसला न्यायालय की आगामी सुनवाई पर निर्भर करेगा।
छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद देशभर के लाखों छात्र, अभिभावक और शिक्षण संस्थान इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। यदि अदालत भविष्य में किसी प्रकार का अंतरिम आदेश जारी करती है तो इसका असर CBSE से जुड़े स्कूलों और विद्यार्थियों पर पड़ सकता है।




