CBSE रीवैल्यूएशन और ऑन-स्क्रीन मार्किंग से जुड़ी शिकायतों पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और बोर्ड से जवाब मांगा है। मामले में 25 अगस्त को आगे सुनवाई होगी।
नई दिल्ली। CBSE बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन और ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जुड़ी शिकायतों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में बड़ी संख्या में छात्रों की शिकायतों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE से जवाब मांगा है। करीब 1.68 लाख छात्रों ने उपलब्ध कराई गई रीवैल्यूएशन प्रक्रिया का उपयोग किया था। अब इस पूरे मामले में अगली अहम सुनवाई 25 अगस्त को होगी।
मामला CBSE की On-Screen Marking यानी OSM प्रणाली से जुड़ी कथित मूल्यांकन संबंधी समस्याओं का है। सुप्रीम कोर्ट के सामने दायर याचिका में मांग की गई है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं और छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए एक मजबूत और स्थायी व्यवस्था तैयार की जाए। CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 2026 की परीक्षाओं से जुड़ी ‘Verification of Issues Observed’ और रीवैल्यूएशन संबंधी सूचनाएं जारी की गई थीं।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि छात्रों की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए एक समिति बनाई गई थी। इसके बाद CBSE ने छात्रों के लिए सीमित अवधि के लिए शिकायत और रीवैल्यूएशन की सुविधा उपलब्ध कराई। इस अवधि के दौरान लगभग 1.68 लाख छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं और मूल्यांकन से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराईं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से सवाल उठाया गया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए दिया गया सीमित समय पर्याप्त था या नहीं। कुछ छात्रों का दावा है कि वे तय समय के भीतर शिकायत दर्ज नहीं कर सके, जबकि कुछ ऐसे छात्र भी हैं जिन्होंने आवेदन तो किया, लेकिन उन्हें उत्तर पुस्तिका या रीवैल्यूएशन के परिणाम से जुड़ी जानकारी समय पर नहीं मिली। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट से शिकायत निवारण की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश देने की मांग की गई है।
हालांकि, केंद्र सरकार ने अदालत के सामने यह पक्ष भी रखा कि CBSE के नतीजों का संबंध उच्च शिक्षा में दाखिले और अन्य प्रवेश प्रक्रियाओं से जुड़ा होता है। ऐसे में रीवैल्यूएशन या शिकायत प्रक्रिया की समयसीमा बढ़ाने का असर शैक्षणिक कैलेंडर पर पड़ सकता है। सरकार और CBSE से मामले से जुड़े विस्तृत तथ्य अदालत के सामने रखने को कहा गया है।



