अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज़ सेंटर प्रभु प्राप्ति भवन में विशेष योग एवं राजयोग मेडिटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वस्थ तन और मन के साथ जीवन में सकारात्मकता और मानसिक शांति को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत योगा ट्रेनर गोविंद सिंह, विशाल मीणा और कुमारी दृष्टि द्वारा योगाभ्यास से की गई। उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न आसन और प्राणायाम का अभ्यास करवाया। गोविंद सिंह ने मानसिक दृढ़ता, तनाव मुक्ति और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग के महत्व पर प्रकाश डाला।
योगा ट्रेनर विशाल मीणा ने योग को जीवन जीने की कला बताते हुए कहा कि नियमित योग से शरीर निरोगी, मन शांत और आत्मा सशक्त बनती है। उन्होंने वृक्षासन, कपालभाति, भ्रामरी और अनुलोम-विलोम जैसे अभ्यासों के लाभ विस्तार से समझाए। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन केवल 15 मिनट का योग व्यक्ति को दिनभर ऊर्जावान रख सकता है।
कार्यक्रम में आदरणीय राजयोगिनी गीता दीदी ने राजयोग मेडिटेशन कराया और प्रतिभागियों को मानसिक शांति के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि तनावपूर्ण जीवन में मन की शांति धन से भी अधिक महत्वपूर्ण है। नियमित मेडिटेशन से नकारात्मक सोच समाप्त होती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
बूंदी सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी रजनी दीदी ने सभी अतिथियों का सम्मान किया और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग और राजयोग भारत की प्राचीन धरोहर हैं, जिन्हें जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक घंटे के योग और मेडिटेशन से मन अत्यंत हल्का और शांत महसूस हुआ। कई प्रतिभागियों ने नियमित अभ्यास का संकल्प लिया और इसे दैनिक जीवन में अपनाने की प्रतिबद्धता जताई।
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