बूंदी में विश्व विरासत दिवस के अवसर पर भारतीय सांस्कृतिक निधि चैप्टर बूंदी के द्वारा विश्व धरोहरों और महत्वपूर्ण स्मारकों के संरक्षण को लेकर जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि अनेक ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के स्मारकों का संरक्षण उनके मूल स्वरूप को ध्यान में रखकर किया जाए। संगठन ने चिंता जताई कि कई स्थानों पर बिना विशेषज्ञों की सलाह के नवनिर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिससे विरासत की मूल पहचान प्रभावित हो रही है।
भारतीय सांस्कृतिक निधि चैप्टर के संयोजक राजकुमार दाधीच ने बताया कि ऐसे सभी निर्माण कार्यों में विषय विशेषज्ञों और विरासत संरक्षण के मानकों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए, ताकि ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सके।
इस दौरान चैप्टर के सह संयोजक राजेंद्र कुमार भारद्वाज, पंकज दाधीच, मनीष सिसोदिया, शिफा उल हक, औराक नैय्यर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। साथ ही लक्ष्मीनाथ मंदिर नाहर का चौहाटा के संरक्षण की भी विशेष मांग की गई।
कार्यवाहक जिला कलेक्टर ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया कि सभी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और स्मारकों के उचित रखरखाव पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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