पुष्टिमार्ग के प्रवर्तक महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी का 549वां प्राकट्य उत्सव (जयंती) सोमवार को शहर में श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। प्रभात फेरी बालचंद पाड़ा स्थित श्री गोपाल लाल जी के मंदिर से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई रघुवर भवन स्थित श्री सौभाग्य बिहारी जी के मंदिर पहुंची, जहां महाआरती के साथ इसका विधिवत समापन हुआ।
श्री वल्लभाचार्य जयंती के संयोजक एवं सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम पारीक ने बताया कि बालचंद पाड़ा स्थित श्री गोपाल लाल जी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के पुजारी पंडित मधुसूदन शर्मा द्वारा श्री गोपाल लाल जी की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान करवाकर नूतन वस्त्र धारण करवाए गए। इसके पश्चात महाआरती की गई और जयकारों के बीच प्रभात फेरी को रवाना किया गया।
प्रभात फेरी में एक सुसज्जित बग्गी में महाप्रभु की मनमोहक छवि को विराजमान किया गया था, जिसे पुष्पों से भव्य रूप से श्रृंगारित किया गया था। बग्गी के आगे-आगे बैंड की मधुर धुनों पर श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए चल रहे थे। पूरे मार्ग में ‘महाप्रभु वल्लभाचार्य की जय’ के जयघोष से वातावरण धर्ममय हो गया।
प्रभात फेरी जब तिलक चौक स्थित श्री चारभुजा नाथ मंदिर पहुंची, तो वहां महाआरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद यह यात्रा कोटा रोड होते हुए श्री सौभाग्य बिहारी जी मंदिर पहुंची।
सौभाग्य बिहारी जी मंदिर पहुंचने पर पुजारी पंडित ऋषि द्वारा महाआरती की गई। इस अवसर पर महाराव राजा वंश वर्धन सिंह एवं समिति की महामंत्री वीना विजय ने भी आरती उतारी। श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई एवं महाप्रसाद का वितरण किया गया।
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