बुंदी में सरकारी रास्ते पर अवैध कब्जे का मामला, ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
ग्राम कुंवारती और मादुन्दा के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर गांव के एक प्राचीन एवं महत्वपूर्ण रास्ते पर हुए कथित अवैध कब्जे को हटाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों द्वारा वर्षों पुराने सार्वजनिक मार्ग को बंद कर दिए जाने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम कुंवारती की खसरा संख्या 504 से शुरू होकर मादुन्दा तक जाने वाला लगभग 100 वर्ष पुराना और करीब 20 फीट चौड़ा रास्ता मुख्य सड़क को बालाजी के प्राचीन मंदिर से जोड़ता है। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने इस रास्ते पर अतिक्रमण कर उसे अपने खेतों में मिला लिया तथा सरकारी सिवाय चक भूमि पर भी कब्जा कर लिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद होने से गांव के लोगों, उनके पालतू मवेशियों तथा कृषि कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों और फसलों के आवागमन में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। उनके पास खेतों तक पहुंचने का कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं बचा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने अतिक्रमण का विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। साथ ही प्रभावशाली लोगों द्वारा पुलिस थाना सदर में झूठी शिकायतें दर्ज कराकर ग्रामीणों को परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि इससे पूर्व भी इस मामले की शिकायत प्रशासन को दी गई थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए 28 मई 2026 को तहसीलदार बूंदी द्वारा आदेश जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से दोबारा रास्ते को बंद कर दिया गया।
समस्त ग्रामवासियों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि उक्त प्राचीन सार्वजनिक मार्ग को तत्काल प्रभाव से बहाल करवाया जाए तथा अतिक्रमण करने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन का अपना अधिकार पुनः प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर ग्राम मादुन्दा, दौलड़ा और कुंवारती के ग्रामीणों सहित वानर सेवा प्रमुख संदीप श्रृंगी, गणेश व्यायामशाला अध्यक्ष मनीष सिंह सिसोदिया, कृष्ण गोपाल सैनी, सोहनलाल माली, प्रिंस शर्मा, विजय साहू सरपंच, गौरव वर्मा, तुषार शर्मा, नरेंद्र शर्मा, भोले शंकर गुर्जर, धीरज सिंह, हरविंदर सिंह, राकेश सेन, सुरेश सैनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




