किशोर स्वास्थ्य सर्विलांस गतिविधियों में बून्दी जिला राज्य में प्रथम
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस में किशोर सर्विलांस गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर बून्दी जिले को पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि जिले के स्वास्थ्य विभाग एवं समस्त स्वास्थ्य कर्मियों के लिए गौरव का विषय है।
इस उपलब्धि पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ. पी. सामर, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमलेश शर्मा तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक मनोज कुमार वर्मा ने जिले की स्वास्थ्य टीमों, चिकित्सा अधिकारियों, काउंसलरों, एएनएम, आशा सहयोगिनियों एवं कार्यक्रम से जुड़े सभी कार्मिकों को बधाई देते हुए उनके समर्पण, परिश्रम एवं टीम भावना की सराहना की।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ. पी. सामर ने बताया कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के 28 चिकित्सा संस्थानों में उजाला क्लिनिक संचालित किए जा रहे हैं। इन क्लिनिकों में 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के किशोर एवं किशोरियों को प्रशिक्षित काउंसलरों द्वारा गोपनीय वातावरण में काउंसलिंग एवं क्लिनिकल सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। सेवाओं के दौरान लाभार्थियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
जिले के विभिन्न ब्लॉकों में संचालित उजाला क्लिनिकों के माध्यम से किशोरों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य सहायता तथा अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इन सेवाओं का उद्देश्य किशोरों को स्वस्थ, जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना है।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमलेश शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत पोषण, एनीमिया नियंत्रण, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति, चोट एवं हिंसा की रोकथाम तथा गैर-संचारी रोगों की रोकथाम जैसे विषयों पर विशेष परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
उन्होंने बताया कि किशोरों में कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने, किशोर गर्भावस्था में कमी लाने, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान तथा मादक पदार्थों के दुरुपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर व्यवहार परिवर्तन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
जिला कार्यक्रम समन्वयक मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन जनजागरूकता, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, क्षमता निर्माण, निगरानी एवं मूल्यांकन तथा सहायक पर्यवेक्षण के माध्यम से किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों के सतत प्रयासों से जिले में किशोर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।




