बूंदी में जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देशन में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान तेजी से संचालित किया जा रहा है। अभियान को सफल बनाने के लिए जिलेभर में व्यापक जागरूकता गतिविधियाँ भी चलाई जा रही हैं।
इसी क्रम में गुरुवार को सरकारी विद्यालयों में बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन के बारे में जागरूक किया गया। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. ओ.पी. सामर ने आमजन से अपील की कि वे इस अभियान में सहयोग करें और अपनी बेटियों का टीकाकरण अवश्य करवाएं।
अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को जिला अस्पताल, उपजिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क टीका लगाया जा रहा है। टीकाकरण के लिए आधार कार्ड, स्कूल आईडी या अंकतालिका जैसे दस्तावेजों में से कोई एक आयु प्रमाण के रूप में आवश्यक है। जिनके पास दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए अभिभावक द्वारा सहमति पत्र देकर आयु प्रमाणित किया जा सकता है, जिसे यू-विन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
आरसीएचओ डॉ. कमलेश शर्मा ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) में होने वाला गंभीर कैंसर है, जिसके लगभग 99.7 प्रतिशत मामलों का मुख्य कारण हाई-रिस्क एचपीवी संक्रमण होता है। भारत में यह महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण अभियान के लिए माइक्रोप्लान तैयार कर लिया गया है, जो सभी स्वास्थ्य केंद्रों और विद्यालयों में उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभिभावकों और किशोरियों को समय, स्थान और प्रक्रिया की जानकारी दे रही हैं।
सीएमएचओ डॉ. ओ.पी. सामर ने अपील की कि किशोरियां टीकाकरण के लिए खाली पेट न आएं और नाश्ता करके ही टीका लगवाएं। विद्यालय प्रबंधन भी इस बात का ध्यान रखे कि किसी भी बच्ची को खाली पेट टीका न लगाया जाए।
उन्होंने बताया कि भारत में हर वर्ष लगभग 1,23,907 महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर से मृत्यु होती है और करीब 77,000 नए मामले सामने आते हैं। यह वैक्सीन 152 देशों में पिछले लगभग 20 वर्षों से उपयोग में है और पूरी तरह सुरक्षित व प्रभावी है, इसके कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं हैं।




