बूंदी क्रिकेट लीग में पर्यावरण संरक्षण और बचपन बचाने का संदेश
तालेड़ा क्षेत्र की सामाजिक संस्था न्यू जेनरेशन आर्ट ग्रुप द्वारा आयोजित क्रिकेट लीग सीजन-4 इन दिनों बूंदी शहर में पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। चंद्रप्रकाश स्टेडियम में हो रहे इस टूर्नामेंट को शहरवासियों का भरपूर समर्थन और उत्साह मिल रहा है। टूर्नामेंट के तीसरे दिन पांच रोमांचक मुकाबले संपन्न हुए।
आयोजकों द्वारा स्टेडियम में की गई आकर्षक व्यवस्थाओं और सुव्यवस्थित आयोजन की खिलाड़ियों एवं दर्शकों ने जमकर सराहना की। दर्शकों का कहना है कि बूंदी में अब तक का यह सबसे बेहतरीन क्रिकेट टूर्नामेंट है, जो खेल के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी बढ़ावा दे रहा है।
मुख्य अतिथि ने 200 पौधे लगाने की घोषणा की
टूर्नामेंट के तीसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में संजय शर्मा अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने गणेश पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने न्यू जेनरेशन टीम की पर्यावरण संरक्षण मुहिम का समर्थन करते हुए अपनी टीम के साथ 200 पौधे लगाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्कूल शिक्षा परिवार के श्योजी लाल ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को खेल गतिविधियों से जुड़ने का संदेश दिया।
मोबाइल की लत से बच्चों में बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याएं
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कोटा एमबीएस हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉ. बनेश जैन ने कहा कि उनके पास आने वाले 50 प्रतिशत से अधिक मरीजों की उम्र 15 वर्ष से कम होती है, जो स्लिप डिस्क और सर्वाइकल जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग और खेल मैदानों से दूरी इसके प्रमुख कारण हैं।
डॉ. जैन ने बच्चों और अभिभावकों से खेलों को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। वहीं कमलेश शर्मा ने टूर्नामेंट की दूसरी थीम "मोबाइल छुड़ाओ – बचपन बचाओ" की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया।
अतिथियों का किया सम्मान
कार्यक्रम में कोटा और बूंदी से पधारे डॉ. हरिओम गौतम, डॉ. विनोद, डॉ. मोहित जैन सहित अन्य अतिथियों का भी स्वागत किया गया। न्यू जेनरेशन टीम की ओर से डायरेक्टर प्रमोद, सदस्य भोजराज, मंच संचालक कुणाल, मयंक, भानु और गिरीश जोशी सहित सभी सदस्यों ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
आयोजकों ने बताया कि क्रिकेट लीग का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और बच्चों को मोबाइल की लत से दूर कर खेलों की ओर प्रेरित करना भी है।




