ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स तथा राज्य केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर 20 मई को आयोजित देशव्यापी एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का बूंदी जिले में व्यापक असर देखने को मिला। जिलेभर के केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स ने अपने प्रतिष्ठान पूर्णतः बंद रखकर आंदोलन को समर्थन दिया।
हड़ताल के दौरान दवा व्यवसायियों ने स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ऑनलाइन दवा प्लेटफॉर्म्स की कथित मनमानी और नियमों के उल्लंघन से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाया गया।
ऑनलाइन दवा बिक्री पर जताई चिंता
दवा व्यवसायियों ने मांग की कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिना सख्त नियमन के हो रही दवाओं की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि बिना वैध चिकित्सीय पर्चे के दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और होम डिलीवरी जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।
इसके साथ ही ई-फार्मेसी कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट को लेकर भी विरोध जताया गया। केमिस्ट्स का कहना है कि इससे छोटे और लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर संचालकों का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लाखों लोगों के रोजगार पर संकट मंडरा रहा है।
सरकार से कार्रवाई की मांग
केमिस्ट एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार ने ऑनलाइन दवा बिक्री के अनियंत्रित स्वरूप पर रोक नहीं लगाई तो इसका नुकसान आमजन के स्वास्थ्य और छोटे व्यापारियों दोनों को उठाना पड़ेगा। प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन प्राप्त कर उसे प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. अशोक जैन, पवन गौतम, नितिन गोयल, इदरीश बोहरा, कुंज बिहारी बिल्या, अनुज जैन, महेंद्र पांचाल, आदि सुवालका, सुरेश जैन, सोनू जैन, कालू भाटिया और पीयूष जैन सहित कई दवा विक्रेता मौजूद रहे।




