राजस्थान की छोटी काशी के रूप में प्रसिद्ध बूंदी में होली महोत्सव का उल्लास अब चरम पर पहुंच चुका है। तिलक चौक स्थित श्री चारभुजा नाथ मंदिर में इन दिनों भक्ति, रंग और संगीत का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है, जहां भोर होते ही फाग के गीतों की मधुर गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
मंदिर में प्रतिदिन सुबह मंगला आरती के साथ उत्सव की शुरुआत होती है। पंडित गणेश शर्मा द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के बाद आरती के दौरान पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठता है। आरती के समय भक्त अपने आराध्य पर सुगंधित पुष्पों और रंग-बिरंगी गुलाल अर्पित कर ‘फूलों की होली’ खेलते हैं, जिससे दिव्यता और उत्साह का विशेष माहौल बन जाता है।
श्री चारभुजा विकास समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि रोजाना सुबह 6 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में उमड़ने लगती है। ढोलक और मजीरों की थाप पर जब फाग भजन शुरू होते हैं, तो श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर नृत्य करने लगते हैं। भजन गायक वीरेंद्र कपूर “ननि” की सुमधुर प्रस्तुतियां भी भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं और उत्सव की रौनक को और बढ़ा रही हैं।
उत्सव के दौरान ठाकुरजी की सेवा-पूजा में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। भक्तों को केसर युक्त चंदन का तिलक लगाया जा रहा है तथा ठाकुरजी को केसर मिश्रित दूध, मेवा-मिष्ठान और पंचमेवा का भोग अर्पित कर प्रसाद वितरित किया जा रहा है।
महोत्सव के सफल संचालन में शहर के समाजसेवी और नियमित दर्शनार्थी पूरे समर्पण के साथ सहयोग कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार यह भव्य होली महोत्सव धुलंडी, 3 मार्च तक निरंतर उत्साह, भक्ति और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया जाएगा, जिससे शहर में धार्मिक उल्लास का विशेष वातावरण बना हुआ है।
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