बूंदी में भाजपा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की
भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार मंगलवार को भाजपा जिला कार्यालय में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के महानायक एवं जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस को 'राष्ट्र सेवा दिवस' के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर जिला स्तरीय पुष्पांजलि कार्यक्रम एवं उनके जीवन, व्यक्तित्व तथा राष्ट्रसेवा में योगदान पर संगोष्ठी आयोजित की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत में जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीणा, मुख्य वक्ता कुंज बिहारी बिल्या, जिला महामंत्री राधेश्याम गुर्जर, योगेंद्र श्रंगी सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता कुंज बिहारी बिल्या ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि देश की अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले महान राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का प्रसिद्ध नारा "एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे" आज भी राष्ट्र की एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर उनके संकल्प को साकार किया।
बिल्या ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन त्याग, तपस्या और वैचारिक दृढ़ता का प्रतीक रहा। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान तथा देश के पहले उद्योग मंत्री के रूप में उनकी दूरदर्शी नीतियां आज भी आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव मानी जाती हैं।
भाजपा जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीणा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि डॉ. मुखर्जी द्वारा प्रज्वलित सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अलख को भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने युवाओं से डॉ. मुखर्जी के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
भाजपा प्रवक्ता अभिषेक जैन ने बताया कि जिला स्तरीय संगोष्ठी में जिले के सभी पदाधिकारी, मोर्चों के अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, मंडल पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री योगेंद्र श्रंगी ने किया तथा वंदे मातरम् के सामूहिक गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




