बीआर महाविद्यालय में रैगिंग मुक्त एवं भयमुक्त शिक्षा परिसर पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के अध्यक्ष माधवी दिनकर एवं तालुका विधिक सेवा समिति शाहपुरा की अध्यक्ष ललिता शर्मा के निर्देशन में नगर परिषद स्थित बीआर महाविद्यालय में रैगिंग मुक्त एवं भयमुक्त शिक्षा परिसर विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्परिणामों और उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक एवं प्रिंसिपल सीताराम जाट ने की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में रैगिंग को गंभीर अपराध माना जाता है और असामाजिक तत्वों को प्रवेश से वंचित रखा जाता है। उन्होंने बताया कि अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर भविष्य और सुरक्षित वातावरण की अपेक्षा के साथ शिक्षण संस्थानों में भेजते हैं, इसलिए रैगिंग मुक्त एवं भयमुक्त शिक्षा परिसर की स्थापना समय की आवश्यकता है।
अधिकार मित्र दिनेश कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरुकुल शिक्षा परंपरा विश्वास, अनुशासन और अपनत्व की भावना पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि भयमुक्त वातावरण में ही विद्यार्थी स्वतंत्र रूप से अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं तथा शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि यूजीसी के नियमों के अनुसार किसी भी शैक्षणिक संस्थान, कॉलेज या प्रशिक्षण संस्थान में रैगिंग करना दंडनीय अपराध है। नवप्रवेशित विद्यार्थियों को डराना, प्रताड़ित करना या उनके साथ अमानवीय व्यवहार करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
शिविर में विद्यार्थियों को रैगिंग मुक्त परिसर की अवधारणा, कानूनी अधिकारों तथा सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में संस्थान की व्याख्याता मुन्ना सैनी, कनिका मित्तल, मुकेश श्योराण, नरेंद्र यादव, विजय कुमार पलसानिया, साहिल सहित 45 विद्यार्थियों ने भाग लिया।




