चिकित्सा विभाग में मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना में लगे लैब टेक्नीशियन, हेल्पर और कंप्यूटर ऑपरेटर ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर कृष्ण लैब में शामिल न करने की मांग की।
संविदा व प्लेसमेंट कर्मचारी बता रहे हैं कि वे पिछले कई वर्षों से राजस्थान सरकार की जन कल्याणकारी योजना में कार्यरत हैं और कोरोना काल में भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम किया।
कर्मचारियों का कहना है कि कृष्ण लैब में जबरन शामिल किया जाना उचित नहीं है। राजस्थान सरकार ने संविदा व प्लेसमेंट कर्मचारियों के हित में संविदा सेवा नियम 2022 और RMLCL का गठन किया है। यदि कर्मचारियों को कृष्ण लैब में शामिल किया गया, तो उन्हें योजना से वंचित किया जा सकता है और नियमितीकरण में बोनस अंक नहीं मिलेंगे, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होगा।
एडीएम ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही समस्या का उच्च अधिकारियों से समाधान निकाला जाएगा।
ज्ञापन के दौरान उपस्थित कर्मचारी:
आशीष शर्मा, चेतना शर्मा, साक्षी भारद्वाज, सीमा शर्मा, मैंना सेन, कुंदन सैनी, कुलदीप मीणा, लोमित राठौर, अमित गौतम और अन्य संविदा व प्लेसमेंट कर्मचारी।
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