विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर बालचंदपाडा स्थित जिला आयुर्वेद चिकित्सालय के पंचकर्म विशिष्टता केंद्र में 8 मार्च से 30 दिवसीय पंचकर्म चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। इसमें जटिल, जीर्ण और कष्टसाध्य रोगों से पीड़ित रोगियों को पंचकर्म विधि द्वारा त्वरित और प्रभावी राहत मिली।
स्थानीय मरीजों के साथ-साथ अन्य जिलों और राज्यों के रोगी भी उपचार के लिए पहुंचे। चिकित्सालय प्रभारी और पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुशवाह ने बताया कि 7 अप्रैल तक चलने वाले इस शिविर में स्पोंडिलाइटिस, ओस्टियोआर्थराइटिस, सिएटिका, गठिया, कमरदर्द, मोटापा, माइग्रेन, अनिद्रा, लकवा, बालों का झड़ना आदि रोगों का विरेचन, बस्ति, शस्य, अक्षितर्पण, रक्तमोक्षण/सिरावेध, अभ्यंग, स्वेदन, शिरोधारा, जानुधारा, लेप जैसे शास्त्रीय उपक्रमों के साथ अत्याधुनिक उपकरणों से उपचार किया गया।
शिविर में अब तक राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात के 21 जिलों के 2000+ रोगियों का पंचकर्म विधि से उपचार किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हेल इन इंडिया/आयुष मेडिकोट्यूरिज्म’ विज़न के तहत 4 देशों के 19 विदेशी रोगियों ने भी लाभ लिया।
7 अप्रैल को जिला आयुर्वेद चिकित्सालय बूंदी में आरोग्य संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें विशेषज्ञों ने आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। साथ ही 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए निशुल्क मेगा स्वर्णप्राशन/आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे लाभान्वित हुए।
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