मांगरोल तहसील क्षेत्र के बोहत कस्बे में सार्वजनिक शौचालयों की बदहाल स्थिति ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। सरकार की सफाई व्यवस्था योजना गांवों में पूरी तरह से विफल होती नजर आ रही है।
टेंडर प्रक्रिया के बावजूद सफाई व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित रह गई है। ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। शौचालयों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सार्वजनिक शौचालयों में नियमित सफाई और देखभाल नहीं होने के कारण यह उपयोग के योग्य नहीं रह गए हैं। सबसे बड़ी समस्या पानी की व्यवस्था का न होना है। किसी भी शौचालय में नल कनेक्शन नहीं होने से सफाई नहीं हो पा रही है, जिससे गंदगी लगातार जमा होती जा रही है।
वार्ड पंच लोकेश गुर्जर और महावीर मीणा ने बताया कि कई बार ग्राम पंचायत को शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों को मजबूरी में गंदे शौचालयों का उपयोग करना पड़ता है, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पिंकी कश्यप ने बताया कि वार्डों में पांच सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं और जल्द ही शौचालयों की सफाई करवाई जाएगी तथा पानी की उचित व्यवस्था भी की जाएगी।
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें
राजनीति की हर हलचल, क्रिकेट और स्पोर्ट्स की हर अपडेट, और देश-दुनिया की बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए eNews Bharat के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़ना न भूलें।
Instagram: https://www.instagram.com/enewsbharat24




