तहसील क्षेत्र के बोहत ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम का दर्जा मिलने के बावजूद स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई नजर आ रही है। गांव में ‘एक कदम स्वच्छता की ओर’ जैसे अभियानों की धज्जियां उड़ती दिखाई दे रही हैं।
वार्ड पंच लोकेश गुर्जर और ग्रामीण जोधराज चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत को कचरा संग्रहण के लिए ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया था, लेकिन उसका उपयोग नहीं होने के कारण वह खराब होकर पड़ा है। पंचायत द्वारा विभिन्न मोहल्लों में पांच कचरा पात्र लगाए गए हैं, लेकिन समय पर सफाई नहीं होने से वे ओवरफ्लो हो रहे हैं।
सफाई ठेकेदार द्वारा छोटे ट्रैक्टर-ट्रॉली से कचरा उठाने का काम किया जा रहा है, लेकिन कई स्थानों पर एक सप्ताह तक कचरा पात्र खाली नहीं किए जाते। प्रजापति धर्मशाला के पास नाले के समीप रखा कचरा पात्र पिछले सात दिनों से भरा हुआ है, जिससे आसपास गंदगी का ढेर लग गया है।
महिलाओं को कचरा डालने में परेशानी होने के कारण वे पात्र के बाहर ही कचरा फेंक रही हैं, जिससे बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। कचरे के ढेर पर आवारा पशु भी मंडराते रहते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या बन रहे हैं।
इस संबंध में मांगरोल पंचायत समिति के सहायक विकास अधिकारी कमल अजमेर ने बताया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी और सफाई व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
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