भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर साधा निशाना
राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच पुराने मतभेदों का भी जिक्र किया।
राठौड़ ने दावा किया कि कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान के पीछे डोटासरा की भूमिका है। साथ ही उन्होंने सचिन पायलट को लेकर भी कहा कि वे पार्टी के नेताओं के आपसी विवाद पर नजर बनाए हुए हैं। यह बयान भाजपा की ओर से कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर किया गया राजनीतिक दावा है।
डोटासरा को बताया कांग्रेस के विवाद की वजह
मदन राठौड़ ने कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेदों को लेकर अपनी बात रखी। उनके मुताबिक कांग्रेस में आपसी खींचतान का असर पार्टी की राजनीति पर दिखाई दे रहा है।
राठौड़ ने खास तौर पर गोविंद सिंह डोटासरा, अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच राजनीतिक समीकरणों का जिक्र किया। उन्होंने पायलट को लेकर भी टिप्पणी की कि वे कांग्रेस नेताओं के आपसी विवाद के बीच अपनी राजनीतिक स्थिति देख रहे हैं।
गहलोत-पायलट के पुराने मतभेद फिर चर्चा में
राजस्थान कांग्रेस में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मतभेद कोई नया मुद्दा नहीं है। 2020 में दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आया था। बाद के वर्षों में भी दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी होती रही।
हालांकि मौजूदा समय में दोनों नेताओं के बीच रिश्तों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे किए जाते रहे हैं। इसलिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की टिप्पणी को कांग्रेस की ओर से पुष्टि किए गए तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
गहलोत पहले डोटासरा से टकराव की बात नकार चुके हैं
दिलचस्प बात यह है कि अगस्त 2026 में अशोक गहलोत ने गोविंद सिंह डोटासरा के साथ किसी तरह के टकराव की अटकलों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि दोनों मिलकर कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं।
यानी एक तरफ भाजपा की ओर से कांग्रेस में गुटबाजी और अंदरूनी विवाद का दावा किया जा रहा है, वहीं गहलोत पहले डोटासरा के साथ मतभेद की खबरों को खारिज कर चुके हैं।
राजस्थान कांग्रेस में अंदरूनी मतभेदों की चर्चा क्यों?
राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व और संगठन से जुड़े मुद्दों पर समय-समय पर नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आते रहे हैं। अगस्त 2026 में भी गोविंद डोटासरा और अशोक गहलोत के बीच राजनीतिक मतभेदों को लेकर चर्चा हुई थी। वहीं महेंद्रजीत सिंह मालवीय की कांग्रेस में वापसी के दौरान सामने आए घटनाक्रम को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा हुई।



