विश्व प्रसिद्ध गणेश मंदिर को हटाने का नोटिस, ग्रामीणों की आस्था को ठेस
पिचियाक नेशनल हाईवे पर स्थित प्राचीन और विश्व प्रसिद्ध गणेश मंदिर पर संकट गहरा गया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा मंदिर को अवैध बताते हुए हटाने का नोटिस जारी करने से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह गणेश मंदिर राजा बलि के काल से स्थापित माना जाता है और सदियों से आसपास के हजारों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है।
मंदिर को हटाने की सूचना मिलते ही क्षेत्र के ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए और हाईवे अथॉरिटी के इस फैसले का विरोध जताया। ग्रामीणों ने कहा कि यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित उच्च अधिकारियों से बातचीत कर मंदिर को यथास्थिति में बनाए रखने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन आस्था के केंद्र को हटाना उचित नहीं है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मंदिर को हटाने का फैसला वापस नहीं लिया गया तो वे इसे बचाने के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे।
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