भाकृअनुप-केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर के मरूक्षेत्रीय केंद्र बीकानेर में 4 अप्रैल को 53वां स्थापना दिवस किसान-वैज्ञानिक संगोष्ठी के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों और वैज्ञानिकों ने भाग लेकर पशुपालन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. वी.पी. पुनिया (निदेशक, राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान संस्थान, बीकानेर) रहे, जबकि अध्यक्षता डॉ. अरुण कुमार तोमर (निदेशक, अविकानगर संस्थान) ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सीएओ इंद्रभूषण कुमार और केंद्र प्रभारी श्रीमती निर्मला सैनी उपस्थित रहीं।
श्रीमती निर्मला सैनी ने केंद्र की उपलब्धियों और किसानों के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। वहीं, डॉ. अरुण कुमार तोमर ने संस्थान और उसके विभिन्न केंद्रों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए किसानों को भेड़पालन के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि भेड़पालन किसानों के लिए ‘एटीएम’ की तरह उपयोगी साबित हो सकता है। भेड़ों की चराई आसान होती है और कम संसाधनों में भी बेहतर वजन प्राप्त किया जा सकता है। भेड़ का मेमना तीन महीने में जितना वजन लेता है, उतना बकरी का बच्चा पांच से छह महीने में ले पाता है।
मुख्य अतिथि डॉ. वी.पी. पुनिया ने भी संस्थान के किसान हितैषी कार्यों की सराहना करते हुए क्षेत्र में भेड़ और ऊंट पालन को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त प्रयास करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में लूणकरणसर, कोटड़ी, गोलरी और गाढ़वाला क्षेत्र से 80 से अधिक किसानों ने भाग लेकर अपनी समस्याओं और सुझावों पर वैज्ञानिकों के साथ संवाद किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. विजय कुमार, डॉ. आशीष चोपड़ा, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. गोविंद मकराना और डॉ. चेतन पाटिल का विशेष सहयोग रहा। अंत में धन्यवाद ज्ञापन इंद्रभूषण कुमार द्वारा दिया गया। कार्यक्रम की जानकारी मीडिया प्रभारी डॉ. अमरसिंह मीना ने दी।




