मृत व्यक्ति बनकर जमीन बेचने पहुंचा फर्जी शख्स, असली वारिसों ने खोला राज
"क्या कोई मरा हुआ इंसान खुद जमीन बेचने पहुंच सकता है? बीकानेर में ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया, जिसने तहसील अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए!" राजस्थान के बीकानेर जिले से जमीन फर्जीवाड़े का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खाजूवाला तहसील कार्यालय में एक मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कराने की कोशिश की गई। आरोपी ने खुद को मृत खातेदार बताकर आधार और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचने का प्रयास किया, लेकिन समय रहते यह पूरा मामला पकड़ में आ गया।
मामला खाजूवाला तहसील कार्यालय का है, जहां 27 जुलाई की शाम जमीन रजिस्ट्री के लिए दस्तावेज पेश किए गए थे। यह जमीन चक 6 बीजीएम क्षेत्र की बताई जा रही है। रजिस्ट्री के लिए पेश किए गए दस्तावेजों में जमीन विक्रेता के रूप में दानाराम का नाम दर्ज था।
असली वारिसों ने पहुंचकर रोकी फर्जी रजिस्ट्री
रजिस्ट्री की प्रक्रिया चल ही रही थी कि इसी दौरान दानाराम के असली परिजन तहसील कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने वहां मौजूद व्यक्ति को देखकर तुरंत आपत्ति दर्ज कराई।
परिजनों ने अधिकारियों को बताया कि जमीन के वास्तविक खातेदार दानाराम की काफी समय पहले ही मृत्यु हो चुकी है। कार्यालय में मौजूद व्यक्ति दानाराम नहीं है और किसी फर्जी व्यक्ति को खड़ा करके जमीन बेचने की कोशिश की जा रही है।
परिजनों की शिकायत के बाद तहसील प्रशासन ने तुरंत रजिस्ट्री की प्रक्रिया रोक दी और मामले की जांच शुरू कर दी।
जांच में सामने आया फर्जी दस्तावेजों का खेल
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार एवं उप पंजीयक ने दस्तावेजों की जांच कराई। शुरुआती जांच में पता चला कि जमीन बेचने पहुंचे व्यक्ति के पास मौजूद आधार कार्ड और पैन कार्ड फर्जी थे।
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित व्यक्ति के नाम तहसील क्षेत्र में कोई जमीन दर्ज नहीं थी। इसके बाद प्रशासन को पूरा मामला धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जमीन हड़पने की साजिश नजर आया।
पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
तहसील प्रशासन की ओर से पुलिस को रिपोर्ट दी गई। रिपोर्ट के आधार पर खाजूवाला थाना पुलिस ने फर्जी व्यक्ति समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।




