भिवाड़ी पटाखा फैक्टरी ब्लास्ट: 9 मजदूरों की मौत के बाद भी जिम्मेदारी तय नहीं
राजस्थान के Bhiwadi के Khushkhera Industrial Area में हुई अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट की घटना को लगभग एक महीना होने जा रहा है, लेकिन अभी तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
16 फरवरी को हुए इस भीषण विस्फोट में सात मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। बाद में गंभीर रूप से झुलसे दो और श्रमिकों ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस तरह इस हादसे में कुल 9 मजदूरों की जान चली गई।
हादसे के बाद प्रशासन की ओर से तीन एफआईआर दर्ज की गईं और अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है, लेकिन जिन विभागों की जिम्मेदारी इस अवैध फैक्टरी की निगरानी की थी, उन पर कार्रवाई नहीं हुई।
जिम्मेदार विभागों पर कार्रवाई का इंतजार
इस मामले में Rajasthan State Industrial Development and Investment Corporation, नगर परिषद, श्रम विभाग, फैक्ट्री एवं बॉयलर्स विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका सवालों के घेरे में है।
इन विभागों की जिम्मेदारी औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्टरियों की निगरानी और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
आश्चर्य की बात यह है कि प्रशासन ने इन विभागों के अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हीं विभागों के अधिकारियों की संयुक्त जांच टीम बना दी।
जांच टीम ने जारी किए 1000 से अधिक नोटिस
प्रशासन द्वारा गठित संयुक्त टीम ने 24 फरवरी तक औद्योगिक क्षेत्र की 1058 इकाइयों का निरीक्षण किया और नियमों के उल्लंघन पर उन्हें नोटिस जारी किए।
हालांकि इन नोटिसों का कितनी इकाइयों ने जवाब दिया और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
24 फरवरी के बाद इस जांच टीम की कार्रवाई को लेकर भी प्रशासन की ओर से कोई अपडेट सामने नहीं आया है।
अवैध फैक्टरी चलती रही, प्रशासन को नहीं लगी भनक
यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी विफलता मानी जा रही है।
जहां एनसीआर क्षेत्र में फुटपाथ पर पटाखे बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है, वहीं औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से पटाखा फैक्टरी चलती रही और प्रशासन को इसकी जानकारी तक नहीं हुई।
गौरतलब है कि यह इलाका Delhi से लगभग 80 किलोमीटर और Alwar से ज्यादा दूर नहीं है।
तीन गिरफ्तारियां, लेकिन मुख्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं
इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है —
फैक्टरी का किरायानामा करने वाले हेमंत शर्मा, जिन्हें शाहजहांपुर से गिरफ्तार किया गया।
फैक्टरी के सुपरवाइजर अभिनंदन तिवारी, जिन्हें खुशखेड़ा से पकड़ा गया।
तीसरे आरोपी हेमंत सचदेवा, जिन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
फिलहाल तीनों आरोपी जेल में हैं और फैक्टरी को सीज कर दिया गया है।
पुलिस विभाग में भी कार्रवाई
हादसे के करीब 28 दिन बाद जिला विशेष टीम (DST) के हेड कांस्टेबल




