Bhiwadi Cyber Crime: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर विदेशी नागरिकों से 96 लाख की ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान के भिवाड़ी से साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा किया है। इस गिरोह पर आरोप है कि यह अमेरिका और कनाडा जैसे देशों के नागरिकों को अपना निशाना बनाकर "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर डराता था और उनसे लाखों रुपये की ठगी करता था।
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मोहित गुप्ता, राहुल सिंह और जेम्स अनिल मंडल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अब तक करीब 96 लाख रुपये यानी लगभग 1 लाख अमेरिकी डॉलर की ठगी कर चुका है।
दो फ्लैटों को बनाया था साइबर ठगी का अड्डा
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने भिवाड़ी की एक सोसायटी में दो फ्लैटों की दीवार तोड़कर एक बड़ा साइबर ऑपरेशन सेंटर बना रखा था। यहीं से बैठकर आरोपी विदेशों में बैठे लोगों को अपना शिकार बनाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से 7 लैपटॉप, 4 मोबाइल फोन और ठगी में इस्तेमाल की गई एक लग्जरी कार बरामद की है। इन उपकरणों के जरिए साइबर अपराध से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
FBI और अमेरिकी अधिकारियों के नाम पर करते थे ठगी
आरोप है कि गिरोह के सदस्य खुद को अमेरिका के FBI और न्याय विभाग के अधिकारी बताकर लोगों को फर्जी नोटिस और गिरफ्तारी वारंट भेजते थे। इसके बाद पीड़ितों को डराया जाता था कि उनके क्रेडिट कार्ड या बैंक डाटा का गलत इस्तेमाल हुआ है।
डर और दबाव बनाकर लोगों को कथित तौर पर "डिजिटल अरेस्ट" में फंसाया जाता था, जहां पीड़ितों को लगातार वीडियो कॉल और फोन के जरिए संपर्क में रखा जाता था।




