भींडर में जैन समाज की मौन रैली, संत सुरक्षा के लिए सौंपा ज्ञापन
समाज के प्रवक्ता इन्द्र लाल फान्दोत ने बताया कि विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति लागू करने तथा आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर आज सकल जैन समाज भींडर की ओर से विशाल मौन रैली निकाली गई।
समाज की ओर से ज्ञापन में मांग की गई कि आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाई जाए तथा संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए। साथ ही समाज और प्रशासन के बीच प्रभावी समन्वय तंत्र विकसित करने की भी मांग की गई।
उल्लेखनीय है कि 20 मई को प्रातः दो आर्यिका माताजी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने की घटना के बाद देशभर के जैन समाज में गहरा रोष व्याप्त है। इसी संदर्भ में पूरे भारत में विभिन्न स्थानों पर जैन समाज द्वारा ज्ञापन सौंपकर न्याय एवं सुरक्षा की मांग की जा रही है।
भींडर में आयोजित मौन रैली रावली पोल चौक से प्रारंभ हुई, जो सदर बाजार, चावड़ा चौक, मोचीवाड़ा, हिंता गेट, बाहरी शहर एवं रामपोल बस स्टैंड होते हुए पुलिस थाना परिसर पहुंची। रैली में शामिल श्रद्धालुओं ने अनुशासनपूर्वक बैनर एवं तख्तियां लेकर मौन प्रदर्शन किया।
इसके बाद उप तहसीलदार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री एवं जिला कलेक्टर के नाम हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में समाज की प्रमुख मांगों को विस्तार से पढ़कर सुनाया गया।
मौन रैली में विमल प्रसाद लिखमावत, पारसमल पचौरी, छोगालाल सलाडिया, बगदीलाल नागदा, सुन्दरलाल लिखमावत, नाथूलाल दक, भंवरलाल पचौरी, मीठालाल फान्दोत, सुशील जैन एडवोकेट, चेतन भादावत, इन्द्रलाल फान्दोत, ललित उदयपुरिया, जयन्तीलाल फान्दोत, सुरेश कण्ठालिया, ललित कुमार बोहरा, ऋषभ वाणवत, अनिल कोठारी, तेजप्रकाश सामोता, जीवन्दर भोपावत सहित सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं, युवा एवं युवतियां उपस्थित रहीं।




