भींडर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्वच्छता हेतु किया जागरूक
राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) की सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता इकाई के तत्वावधान में महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय, भींडर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में सहायक सामाजिक विकास एवं जेंडर सपोर्ट अधिकारी मनोज कुमार जाट ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को परियोजना के विभिन्न कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि घरों के सेप्टिक टैंकों से निकलने वाले मलजल को विशेष टैंकरों के माध्यम से पीपलवास रोड पर निर्मित एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) तक पहुंचाया जाएगा, जहां उसका वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से पहले की तरह गंदगी और प्रदूषण की समस्या से राहत मिलेगी तथा वातावरण अधिक स्वच्छ और स्वस्थ रहेगा। साथ ही उन्होंने स्वच्छता बनाए रखने और प्रत्येक पांच वर्ष में सेप्टिक टैंक की नियमित सफाई करवाने की अपील की।
डेंगू-मलेरिया से बचाव की दी जानकारी
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बताया गया कि घरों और आसपास जमा गंदे पानी को तुरंत साफ किया जाए, क्योंकि बारिश के मौसम में ऐसे स्थान मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनते हैं। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
इसके अलावा नगर पालिका द्वारा संचालित कचरा संग्रहण वाहन में ही कचरा डालने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने का संदेश दिया गया। कार्यकर्ताओं को "सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ" अभियान की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
टोल फ्री नंबर की जानकारी भी दी
कार्यक्रम में बताया गया कि नागरिक टोल फ्री नंबर 18008439192 पर कॉल कर अपने सेप्टिक टैंक की सफाई की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर महिला पर्यवेक्षक सीता मीणा, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर वीरेंद्र कुमार भट्ट, परीक्षित चौबीसा, अनिल कुमार बुमरिया सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने भाग लेकर स्वच्छता अभियान में सहभागिता का संकल्प लिया।




