बिहार में बाढ़ से 27 लाख लोग प्रभावित
बिहार के कई इलाकों में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ा है। कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कवायद जारी है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन और राहत एजेंसियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रभावित जिलों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
महाराष्ट्र के अंबोली में रिकॉर्ड बारिश
महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में स्थित अंबोली में भी भारी बारिश का दौर देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक यहां हुई बारिश ने चेरापूंजी में दर्ज बारिश को भी पीछे छोड़ दिया।
अंबोली पश्चिमी घाट क्षेत्र में स्थित है और मानसून के दौरान यहां भारी बारिश के लिए जाना जाता है। इस बार बारिश के तेज दौर ने एक बार फिर अंबोली को मौसम के केंद्र में ला दिया है।
सैटेलाइट तस्वीरों में बदला मौसम का मिजाज
मौसम की सैटेलाइट तस्वीरों से देश के बड़े हिस्से में बादलों की स्थिति कमजोर होती दिखाई दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 90 फीसदी देश से बादल गायब हो चुके हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सभी राज्यों में बारिश पूरी तरह समाप्त हो गई है।
स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कुछ इलाकों में अभी भी भारी बारिश हो सकती है। यही वजह है कि एक तरफ जहां कई क्षेत्रों में बारिश का दौर कमजोर पड़ रहा है, वहीं बिहार जैसे राज्यों में बाढ़ की चुनौती बनी हुई है।
यूपी और मध्य प्रदेश में भी मौसम पर नजर
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी मौसम को लेकर अलर्ट जारी किए गए हैं। इन राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी अपडेट के आधार पर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश की स्थिति लगातार बदल सकती है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और नदी, नाले तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
कई राज्यों में अलग-अलग तस्वीर
देश में मौजूदा मौसम की स्थिति एक जैसी नहीं है। कहीं बारिश कमजोर पड़ रही है तो कहीं भारी बारिश के कारण बाढ़ और



