राजस्थान में बढ़ती बेरोजगारी और नशाखोरी को लेकर समाजसेवी अभिषेक वाल्मीकि ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ये दोनों समस्याएं युवाओं को अपराध की ओर धकेल रही हैं, जिससे प्रदेश की कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
अभिषेक वाल्मीकि, जो संयुक्त मानव अधिकार एवं भ्रष्टाचार विरोधी सामाजिक न्याय संगठन के प्रदेश सचिव हैं, का कहना है कि जब युवाओं को रोजगार नहीं मिलता, तो वे भटक जाते हैं और नशे की लत की ओर बढ़ते हैं। इससे समाज में अपराध की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाए और संगठित अपराध में शामिल गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही व्यापारियों, आम नागरिकों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
वाल्मीकि ने यह भी कहा कि युवाओं के लिए स्थायी रोजगार नीति लागू करना समय की मांग है। नियमित भर्तियां शुरू की जाएं और नशाखोरी पर नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो प्रदेश में युवाओं का भविष्य गंभीर संकट में पड़ सकता है।
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