गैस रिसाव के बाद आग और धमाके से दहला बेंगलुरु, आठ मजदूर अस्पताल में भर्ती, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बेंगलुरु।कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बोम्मासंद्रा औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एक पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास में गैस रिसाव के बाद हुए भीषण विस्फोट में पश्चिम बंगाल के आठ मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह गैस रिसाव मानी जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने पीजी मालिक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गैस रिसाव के बाद हुआ जोरदार धमाका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीजी भवन में सुबह गैस रिसाव की गंध महसूस हुई थी। इससे पहले कि कोई स्थिति को समझ पाता, अचानक जोरदार विस्फोट हो गया और आग की लपटें पूरे कमरे में फैल गईं। विस्फोट के कारण भवन के कुछ हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा।
धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिसके बाद स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला।
आठ मजदूर आग की चपेट में आए
हादसे में घायल हुए सभी आठ मजदूर पश्चिम बंगाल के निवासी बताए जा रहे हैं। वे रोजगार के सिलसिले में बेंगलुरु आए थे और उसी पीजी में रह रहे थे। विस्फोट के समय सभी भवन के अंदर मौजूद थे, जिससे वे आग की चपेट में आ गए।
घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा है।
मालिक पर दर्ज हुई एफआईआर
घटना के बाद पुलिस ने पीजी भवन के मालिक के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि भवन में गैस सुरक्षा के नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या अन्य गंभीर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फोरेंसिक टीम जुटी जांच में
हादसे के बाद फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम गैस पाइपलाइन, सिलेंडर, रेगुलेटर और अन्य उपकरणों की जांच कर रही है ताकि विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
जांच अधिकारी आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रहे हैं। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों और पीजी में रहने वाले अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल
धमाके के बाद पूरे इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि विस्फोट की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी और कई लोगों ने इसे पहले किसी बड़े हादसे या भूकंप जैसा महसूस किया।




