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डेंगू से बचाव के लिए बदलेगा बंगाल स्कूलों का ड्रेस कोड

डेंगू के बढ़ते खतरे के बीच बंगाल में स्कूल ड्रेस बदलने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने मच्छरों से बचाव के उपाय बताए।

Enews Bharat5 September 2026
डेंगू से बचाव के लिए बदलेगा बंगाल स्कूलों का ड्रेस कोड

स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों को शरीर ढकने वाले कपड़े पहनने की दी सलाह

पश्चिम बंगाल में डेंगू के बढ़ते खतरे के बीच स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने अहम सलाह दी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी ने अभिभावकों से अपील की है कि अगले तीन महीनों के दौरान बच्चों के कपड़ों को लेकर विशेष सावधानी बरती जाए। उनका कहना है कि शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनने से मच्छरों के काटने के खतरे को कम किया जा सकता है।

लड़कियों के लिए स्कर्ट की जगह सलवार की सलाह

स्वास्थ्य मंत्री ने स्कूली छात्राओं को अगले तीन महीने यानी सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के दौरान स्कर्ट की जगह सलवार पहनाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि पैरों को ढकने वाले कपड़े मच्छरों के काटने से बचाव में मदद कर सकते हैं।

उन्होंने घुटनों तक के मोजे पहनाने को लेकर भी सवाल उठाया। मंत्री के मुताबिक ऐसे मोजे काफी पतले होते हैं और पैरों से चिपक जाते हैं, जिससे मच्छरों से पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलती। उन्होंने इसके बजाय ऐसे कपड़े पहनाने की बात कही जिससे बच्चों के पैर अच्छी तरह ढके रहें।

लड़कों के लिए भी पूरी पैंट और शर्ट की सलाह

स्वास्थ्य मंत्री ने सिर्फ छात्राओं के लिए ही नहीं, बल्कि छात्रों के लिए भी पूरी तरह शरीर ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी है। उन्होंने लड़कों को फुल पैंट और फुल शर्ट पहनकर स्कूल आने की बात कही है।

उनका जोर इस बात पर है कि डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के संपर्क में आने की संभावना को कम किया जाए। खासकर सितंबर से नवंबर के दौरान बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

क्या सिर्फ ड्रेस बदलने से रुक जाएगा डेंगू?

स्वास्थ्य मंत्री की सलाह के बाद विशेषज्ञों के बीच भी इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आई है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने से मच्छरों के काटने का खतरा कम हो सकता है, लेकिन केवल कपड़े बदलना डेंगू रोकने का पूरा समाधान नहीं है।

एसोसिएशन ऑफ हेल्थ सर्विस डॉक्टर्स के सचिव डॉ. उत्पल बनर्जी ने कहा कि शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने का विचार मच्छरों के काटने से बचाव के लिहाज से सही है। हालांकि, इसके साथ मच्छरों के प्रजनन वाले स्रोतों को खत्म करना और लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।

विशेषज्ञ ने बताया कपड़ों से कैसे कम हो सकता है खतरा

मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. रुद्रजीत पाल ने स्वास्थ्य मंत्री की सलाह को मेडिकल नजरिए से उचित बताया। उनके मुताबिक पूरी बाजू की शर्ट और पैंट पहनने से शरीर का कम हिस्सा खुला रहता है, जिससे मच्छर के काटने की संभावना कम हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि डेंगू से बचाव के लिए केवल कपड़ों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। घर और आसपास पानी जमा न होने देना, मच्छरदानी का इस्तेमाल करना और मच्छरों से बचाव के दूसरे उपाय अपनाना भी जरूरी है।

पश्चिम बंगाल में डेंगू की स्थिति

पश्चिम बंगाल में मानसून के दौरान डेंगू के मामलों को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में अब तक राज्य में 4,000 से ज्यादा डेंगू के मामले सामने आए हैं।

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यह संख्या पिछले साल इसी अवधि में दर्ज 7,600 से ज्यादा मामलों की तुलना में कम बताई गई है।

राज्य में फिलहाल करीब 148 सक्रिय मामले बताए गए हैं, जबकि डेंगू से जुड़ी सात मौतें आधिकारिक तौर पर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद को प्रभावित इलाकों में शामिल किया गया है।

डेंगू से बचाव के लिए क्या जरूरी?

डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों के काटने से बचना सबसे अहम उपायों में से एक है। बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े और शरीर को ढकने वाली ड्रेस पहनाना मददगार हो सकता है। इसके अलावा घर, स्कूल और आसपास के इलाकों में पानी जमा नहीं होने देना बेहद जरूरी है, क्योंकि जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है।

मच्छरदानी, रिपेलेंट और साफ-सफाई जैसे उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू की रोकथाम के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ-साथ मच्छरों के स्रोत को खत्म करने पर भी ध्यान देना जरूरी है।

सरकार का फोकस जागरूकता और सफाई पर

डेंगू को लेकर पश्चिम बंगाल में सफाई और जागरूकता अभियान पर भी जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से सितंबर को डेंगू जागरूकता माह के तौर पर मनाने और अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने की जानकारी सामने आई है। निर्माण स्थलों समेत उन जगहों पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई है जहां पानी जमा होने की संभावना रहती है।

ऐसे में स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर स्वास्थ्य मंत्री की सलाह को डेंगू से बचाव की व्यापक कोशिश का एक हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों की राय यही है कि डेंगू रोकने के लिए केवल ड्रेस में बदलाव पर्याप्त नहीं होगा। मच्छरों की संख्या नियंत्रित करना, पानी जमा होने से रोकना और लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।


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