शतचंडी महायज्ञ में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था, वैदिक मंत्रों से गूंजा वातावरण
उपखंड क्षेत्र के ग्राम बरवास स्थित ब्रह्माणी माता मंदिर परिसर में संत रामप्रियदासजी महाराज के सान्निध्य में आयोजित नवकुंडात्मक शतचंडी महायज्ञ एवं संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। महायज्ञ में आसपास के गांवों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने हवन कुंडों में विधिवत आहुतियां अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। पूरे आयोजन स्थल पर धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भक्ति भाव से अनुष्ठानों में शामिल होते रहे।
यज्ञाचार्य पंडित प्रहलादराय शर्मा (जयपुर) के निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नित्यार्चन, सम्पूर्ण स्थापित देवताओं का विस्तृत हवन तथा दुर्गा सप्तशती विशेष हवन संपन्न कराया गया। यज्ञ में यजमान के रूप में बैठे श्रद्धालु दंपतियों ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना और हवन में भाग लिया।
यज्ञशाला में दिनभर वैदिक मंत्रों की गूंज और "स्वाहा" के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ भागीदारी निभाई। आयोजन में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की विशेष उपस्थिति रही।
हवन अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद सामूहिक आरती एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने मां भगवती और स्थापित देवताओं से परिवार, समाज और क्षेत्र की उन्नति के लिए प्रार्थना की। धार्मिक आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक जागरूकता का संदेश दिया।
आयोजकों ने बताया कि नवकुंडात्मक शतचंडी महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आयोजन से पूरे क्षेत्र में धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिकता का वातावरण बना हुआ है।




