20 से ज्यादा बच्चों की तबीयत बिगड़ने से मचा हड़कंप
राजस्थान के बारां जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जिसने सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय देवपुरा में मिड-डे मील खाने के बाद 20 से ज्यादा बच्चों की अचानक तबीयत खराब हो गई।
बताया जा रहा है कि खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को पेट दर्द, उल्टी, घबराहट और जी मिचलाने जैसी परेशानियां होने लगीं। देखते ही देखते स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शिक्षकों और स्थानीय लोगों की मदद से सभी प्रभावित बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
मिड-डे मील की गुणवत्ता पर उठे सवाल
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, स्कूल में परोसे गए भोजन में इस्तेमाल की गई सामग्री खराब और बदबूदार होने की बात सामने आई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
अगर भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही सामने आती है, तो यह सिर्फ एक स्कूल का मामला नहीं रहेगा, बल्कि पूरी मिड-डे मील व्यवस्था पर सवाल खड़े करेगा।
बच्चों की थाली तक पहुंचने से पहले क्यों नहीं होती जांच?
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की निगरानी कैसे की जाती है। क्या खाना बनने से पहले सामग्री की सही तरीके से जांच होती है? क्या स्कूल स्तर पर भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाती है या फिर यह प्रक्रिया सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है?
मिड-डे मील योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और उन्हें स्कूल से जोड़ना है। लेकिन अगर यही भोजन बच्चों की तबीयत खराब करने लगे, तो यह व्यवस्था की गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों की टीम भोजन की गुणवत्ता, इस्तेमाल की गई सामग्री और लापरवाही के संभावित कारणों की जांच कर रही है।




