सड़क मार्ग के गड्ढे बनेंगे दुर्घटनाओं का कारण, ग्रामीणों ने जताई चिंता
बारां-मांगरोल सड़क मार्ग पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और खेडली भडौलियान क्षेत्र में नदी-नालों की पुलिया पर उखड़े लोहे के जाल वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। आगामी बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाएगी।
ग्रामीण सत्यनारायण गुर्जर, रघुबीर गुर्जर, मनीष गालव एवं विष्णु सुमन ने बताया कि बारां स्थित कर्माजी की बावड़ी के आगे बने नए सीसी रोड के बाद से लेकर मांगरोल तक सड़क मार्ग पर अनेक स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इन गड्ढों को गिट्टी एवं अन्य सामग्री से भरकर तत्काल मरम्मत करने की आवश्यकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाएगा, जिससे विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाएगा। वहीं खेडली नदी की पुलिया पर लगे लोहे के जाल और उखड़े तार भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। इससे टायर पंक्चर होने और गंभीर चोट लगने की आशंका बनी हुई है।
बारां-मांगरोल मार्ग की जर्जर स्थिति और अधूरे निर्माण कार्यों के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारां से माल बमोरी तक सड़क की हालत खराब हो चुकी है और कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आती है।
सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) बारां के सहायक अभियंता आकाश बटोलिया ने बताया कि संबंधित सड़क मार्ग को राजस्थान राज्य मार्ग प्राधिकरण परियोजना को हस्तांतरित कर दिया गया है। इसलिए सड़क से जुड़ी समस्याओं का समाधान अब वहीं से किया जाएगा।
वहीं राजस्थान राज्य मार्ग प्राधिकरण, कोटा के परियोजना निदेशक मुकेश गुर्जर ने बताया कि ठेकेदार द्वारा मालबमोरी से बारां तक सड़क किनारे जंगल सफाई, सड़क चौड़ीकरण तथा स्वीकृत बोहत बाइपास रोड पर मिट्टी डालने का कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सड़क पर दुर्घटना की आशंका है, वहां बारिश से पहले मरम्मत कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा।




