मांगरोल में विकास कार्यों के लिए कई योजना परियोजनाओं के खाके तैयार करने के बाद उनकी प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही है। इससे लंबे समय तक स्वीकृत कार्यों का लाभ प्रभावित क्षेत्र के लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
राजस्थान और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाले एक नंबर स्टेट हाइवे स्थित बारां-मांगरोल रोड (माल बमोरी) का निर्माण वर्ष 2024-25 में वर्तमान राज्य सरकार ने बजट में शामिल किया था। टैंडर फाइनल होने में दो साल लग गए और जून 2025 में टैंडर फाइनल होने के बावजूद कार्य आदेश देने में 7 माह निकल गए।
इस मार्ग पर तीन बाइपास के लिए भूमि अधिग्रहण भी किया गया है, लेकिन मुख्य मार्ग पर निर्माण शुरू नहीं किया गया। इससे इंदौर, उज्जैन से जयपुर तक के यात्रियों को असुविधा हो रही है।
अंता विधानसभा उपचुनाव में यह रोड एक प्रमुख मुद्दा रहा। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने इस रोड के निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन चुनाव के बाद निर्माण शुरू नहीं हुआ। आचार संहिता के दौरान सड़क पर झाड़-झंकाड़ और सफाई कार्य किए गए थे।
भूमि अधिग्रहण:
मांगरोल: 8.72 हेक्टेयर
किशनपुरा: 3.30 हेक्टेयर
बोहत: 11.49 हेक्टेयर
भटवाड़ा: 1.09 हेक्टेयर
इंद्राहेडी: 3.52 हेक्टेयर
कुल 28.14 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई, बावजूद इसके बारां से मांगरोल तक डामर रोड खाली पड़ा है।
कार्य की स्थिति:
टैंडर फाइनल: 15 जून 2025
निर्माण शुरू होना था: नवम्बर 2025
कार्य आदेश दिए: 4 फरवरी 2026
कार्यकारी एजेंसी: राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण
रोड लंबाई: 41.20 किमी
परियोजना निदेशक मुकेश गोचर ने बताया कि वन विभाग से एनओसी और बाइपास भूमि पर फसल के कारण कार्य आदेश देरी से दिए गए। फरवरी 2026 में आदेश मिलने के बाद बाइपास के काम शुरू किए गए हैं। अगले तीन माह में तीनों बाइपास पर निर्माण कार्य दिखाई देगा।




