विश्व बालश्रम निषेध दिवस के अवसर पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झालावाड़ के निर्देशानुसार ग्राम सूमर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा ताल्लुका विधिक सेवा समिति खानपुर की अध्यक्ष श्रीमती अंजू कुमारी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के दौरान अधिकार मित्र भारत कुमार गौड़ ने उपस्थित ग्रामीणों और श्रमिकों को बालश्रम निषेध दिवस के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बचपन बच्चों के शिक्षा, खेलकूद और सर्वांगीण विकास का समय होता है, न कि मजदूरी करने का। 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम कराना कानूनन अपराध है और इससे बच्चों का शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक विकास प्रभावित होता है।
उन्होंने बताया कि बाल श्रम के कारण बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होता है। यदि किसी क्षेत्र में कोई बच्चा मजदूरी करता दिखाई दे तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देकर उसे बालश्रम से मुक्त कराने में सहयोग करना चाहिए। साथ ही लोगों से अपने घरों, दुकानों, होटलों और प्रतिष्ठानों पर बच्चों से काम नहीं करवाने की अपील की गई।
कार्यक्रम में नालसा की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा साइबर अपराधों और साइबर दुर्व्यवहार से बचाव को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। अधिकार मित्र भारत कुमार गौड़ ने ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड और साइबर ठगी से बचने के उपाय बताते हुए कहा कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
ग्रामीणों एवं श्रमिकों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता शिविर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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