विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर जिला के तत्वावधान में "फ्रंटियर फ्राइडे" अभियान के तहत ग्राम पंचायत सुल्तानिया के बैरवा की ढाणी (ऐनिकट) स्थित नरेगा कार्यस्थल पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का संचालन पीएलवी अधिकार मित्र मुकेश कुमार शर्मा द्वारा किया गया।
शिविर में लगभग 100 महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों को बाल अधिकारों, बाल श्रम निषेध कानूनों तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम कराना दंडनीय अपराध है। उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के मौलिक अधिकार के बारे में भी जानकारी दी।
शिविर के दौरान बाल श्रम से मुक्त बच्चों के पुनर्वास, छात्रवृत्ति योजनाओं तथा बाल कल्याण समिति की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। साथ ही नालसा की "बच्चों के लिए बाल अनुकूल कानूनी सेवाएं योजना-2024" के तहत उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता सुविधाओं की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई फ्रॉड और अन्य ऑनलाइन ठगी के तरीकों से बचाव के उपाय बताए गए। उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा साइबर अपराध पोर्टल की जानकारी दी गई। साथ ही मोबाइल फोन में आवश्यक साइबर सुरक्षा सेटिंग्स को व्यवहारिक रूप से समझाया गया।
शिविर में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, नालसा हेल्पलाइन 15100 और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बाल श्रम उन्मूलन एवं साइबर सुरक्षा से संबंधित पंपलेट वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने बाल श्रम रोकथाम तथा साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।
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