बकानी क्षेत्र में 40 वर्षों से कृषि गोण मंडी संचालित है, लेकिन कृषि मंडी क्षेत्र से जुड़े 175 गांव आज भी नहरी सुविधा से वंचित हैं। क्षेत्र के अन्नदाता अपनी कृषि उपज के लिए उचित सुविधाओं और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
क्षेत्र के लोगों की उदासीनता और राजनीतिक दृष्टिकरण की वजह से बकानी का विकास लगातार ठप्प रहा है। चाहे केंद्र में कांग्रेस हो या राज्य में भाजपा, स्थानीय जनता की मांगों और विकास कार्यों के लिए हमेशा निराशा का सामना करना पड़ा है। विधानसभा क्षेत्र के फेरबदल (झालरापाटन से खानपुर) ने भी क्षेत्रवासियों में असंतोष और निराशा को और बढ़ाया है।
आर्थिक दृष्टि से बकानी क्षेत्र अभी भी संपन्न नहीं है। औद्योगिक विकास का अभाव और कुटीर तथा लघु उद्योगों का न होना युवाओं को पलायन के लिए मजबूर कर रहा है। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के बावजूद यहाँ न तो कृषि कॉलेज उपलब्ध है और न ही सिंचाई के लिए उपयुक्त नहरी सुविधा। कई गांव आज भी डामरीकरण सड़कों से जुड़े नहीं हैं, जिससे घर से खेत तक पहुँच मुश्किल हो रही है।
किसानों की तीन मुख्य समस्याएँ हैं:
बकानी कृषि उपज मंडी को पूर्ण मंडी का दर्जा दिया जाए।
मंडी में किसानों के लिए पेयजल सुरक्षा और सुविधाएँ सुनिश्चित हों।
मंडी परिसर केवल किसानों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित हो।
क्षेत्र के प्रतिनिधियों, लाइसेंसधारी व्यापारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करें। केवल तभी बकानी क्षेत्र के किसानों और आगामी पीढ़ी का भविष्य उज्जवल हो सकता है।
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