कस्बे की गलियों में लंबे समय से लावारिस हालत में भटक रहे एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के जीवन में मंगलवार को उम्मीद की नई किरण जगी। समाजसेवा और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए स्थानीय समाजसेवी श्याम कुशवाह की पहल पर उसे उपचार एवं पुनर्वास के लिए अपना घर आश्रम, कोटा भेजा गया। इस मानवीय पहल ने पूरे क्षेत्र में संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।
जानकारी के अनुसार यह व्यक्ति लंबे समय से बकानी कस्बे की सड़कों, बाजारों और गलियों में बेसहारा घूमता नजर आता था। तन पर फटे पुराने कपड़े, बिखरे बाल और असहाय स्थिति देखकर राहगीरों का मन द्रवित हो उठता था। कस्बे के अनेक दयालु नागरिक समय-समय पर उसे भोजन, वस्त्र और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते रहे।
स्थानीय समाजसेवी श्याम कुशवाह एवं महेंद्र भंडारी ने भी उसकी साफ-सफाई और देखभाल का जिम्मा अपने स्तर पर निभाया। बताया गया कि “हमारा कपड़ा बैंक डिपो” अभियान के माध्यम से उसे लगातार कपड़े उपलब्ध करवाए जाते रहे। मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के बावजूद उसने कभी किसी को हानि नहीं पहुंचाई, जिससे लोगों के मन में उसके प्रति अपनापन और सहानुभूति बनी रही।
मंगलवार को स्थानीय समाजसेवियों की पहल पर इस व्यक्ति की स्थिति को बकानी पुलिस थाना के संज्ञान में लाया गया। थाना अधिकारी रामेश्वर मीणा की अनुमति और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अपना घर आश्रम, कोटा की एम्बुलेंस से उसे रवाना किया गया, जहां अब उसका समुचित उपचार, देखभाल और पुनर्वास किया जाएगा।
जब एम्बुलेंस उसे लेकर रवाना हुई तो वहां मौजूद कई कस्बेवासी भावुक हो उठे। वर्षों से सड़कों पर भटक रहे इस व्यक्ति को सुरक्षित जीवन की ओर जाते देख लोगों की आंखें नम हो गईं।




