बकानी में अवैध लकड़ी परिवहन, खनन और शराब कारोबार पर उठे सवाल
दिन-रात चल रहा अवैध कारोबार, प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज
बकानी कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों अवैध लकड़ी परिवहन, अवैध खनन और अवैध शराब बिक्री को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने के कारण अवैध कारोबार लगातार बढ़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार बकानी क्षेत्र में प्रतिदिन सुबह तड़के बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से लकड़ी का परिवहन किया जाता है। लोगों का कहना है कि रात और सुबह के समय विभिन्न मार्गों से लकड़ी से भरे वाहन गुजरते हुए देखे जा सकते हैं। क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों की कटाई को लेकर भी चिंता व्यक्त की जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद अवैध गतिविधियों पर अपेक्षित स्तर की कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है और क्षेत्र की हरियाली प्रभावित हो सकती है।
इसी तरह बकानी क्षेत्र के कुछ इलाकों में चरागाह भूमि एवं वन क्षेत्र के आसपास अवैध खनन की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से पत्थरों का परिवहन किया जाता है। इससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि स्थानीय सड़कों पर यातायात सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।
कस्बे के कई मोहल्लों और गलियों में तेज गति से चलने वाले भारी वाहनों को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्रों में बच्चों और बुजुर्गों की आवाजाही अधिक रहती है, ऐसे में तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
वहीं क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार बकानी-माचलपुर रोड, रेपला बर्डी, झालरापाटन रोड और कुछ आबादी क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब बिक्री की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं। लोगों का कहना है कि इससे सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध लकड़ी परिवहन, अवैध खनन और अवैध शराब बिक्री की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि प्रभावी कार्रवाई से कानून व्यवस्था मजबूत होगी और आम जनता का प्रशासन पर विश्वास भी बढ़ेगा।




