अधिकमास में बहरावण्डा कला के ढंढेर के हनुमान जी पर दिखा श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम
खण्डार तहसील के बहरावण्डा कला के समीप स्थित ढंढेर के हनुमान जी मंदिर पर अधिकमास के अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं तथा आध्यात्मिक रस का आनंद ले रहे हैं।
कथा व्यास पंडित कमलेश शास्त्री (करौली) के श्रीमुख से प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया जा रहा है। कथा के दौरान भगवान की लीलाओं और धार्मिक प्रसंगों का सुंदर वर्णन श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रहा है।
भागवत महोत्सव का शुभारंभ 1 जून को गणेश मंदिर से निकाली गई विशाल कलश यात्रा के साथ हुआ। यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए ढंढेर के हनुमान जी मंदिर पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कथा का शुभारंभ किया गया।
कथा के तृतीय दिवस पर कथा व्यास पंडित कमलेश शास्त्री ने शिव-पार्वती विवाह तथा ध्रुव चरित्र का मार्मिक वर्णन किया। उनके प्रेरणादायक प्रसंगों और संवादों को सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए तथा पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
आयोजक कमलेश तेहरिया ने बताया कि स्वर्गीय धूड़ीलाल तेहरिया की स्मृति में उनके पुत्र ओमप्रकाश, कमलेश एवं रमेश तेहरिया द्वारा इस धार्मिक आयोजन का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 7 जून को रात्रि 8:30 बजे से श्यामा-श्याम संकीर्तन मंडल, खण्डार द्वारा भव्य हरे रामा-हरे कृष्ण संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा।
वहीं 8 जून को विशाल भंडारे के साथ श्रीमद्भागवत कथा एवं भागवत महोत्सव का समापन होगा। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की है।
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