बागोड़ा उपखण्ड मुख्यालय में झोलाछाप डॉक्टरों की बढ़ती गतिविधियों ने आमजन की सेहत को गंभीर खतरे में डाल दिया है। क्षेत्र में बिना किसी वैध डिग्री और अनुमति के इलाज किए जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ताजा मामला सिणधरी चौराहे के सायला रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर का है, जहां बिना किसी चिकित्सकीय योग्यता के लोगों को इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यहां छोटे बच्चों सहित कई मरीजों का इलाज किया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
बिना उचित प्रशिक्षण और मेडिकल ज्ञान के इस प्रकार इंजेक्शन लगाना सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ है। खासकर मासूम बच्चों के लिए यह स्थिति अत्यंत खतरनाक साबित हो सकती है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं या दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियां लंबे समय से जारी हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन की अनदेखी के कारण ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और चिकित्सा विभाग से मांग की है कि ऐसे अवैध रूप से इलाज कर रहे लोगों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बिना लाइसेंस और प्रशिक्षण के इलाज करना कानूनन अपराध है और इससे मरीजों की जान को गंभीर खतरा होता है। ऐसे मामलों में नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई बेहद आवश्यक है।
जरूरत है सख्ती की:
क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग को नियमित जांच अभियान चलाकर अवैध क्लीनिक और मेडिकल स्टोरों की पहचान करनी चाहिए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इससे आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी और इस तरह की लापरवाही पर रोक लगेगी।




