थाना क्षेत्र के राऊता गांव में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने एमआर बस को रुकवाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और बस मालिक व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
दरअसल, 27 फरवरी 2026 को सरवड़ी (पचपदरा) के पास एमआर बस और ट्रेलर की भीषण टक्कर में राऊता निवासी धारूराम मेघवाल के दो मासूम बेटे—युवराज और शिवराज की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे में उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुई, जिनका पिछले एक महीने से अहमदाबाद के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घटना के बाद परिवार गहरे आर्थिक संकट में है, लेकिन न तो बस मालिक ने सुध ली और न ही प्रशासन की ओर से ठोस सहायता मिली। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को अब तक मुआवजा नहीं मिला और किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई। किसान नेता चेलाराम चौधरी बगोटी, भरत मेघवाल, लाला राम ने कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद भी परिवार को राहत न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर ठोस कार्रवाई और आश्वासन नहीं मिला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
साथ ही, ग्रामीणों ने निजी बसों की लापरवाही और ओवरलोडिंग पर रोक न लगाने की भी नारेबाजी की। पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष या अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से हालात और गंभीर हो गए हैं।
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