राजस्थान के टोंक जिले स्थित ICAR-Central Sheep and Wool Research Institute, अविकानगर में 27 से 28 फरवरी 2026 तक अनुसंधान सलाहकार समिति (RAC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस दो दिवसीय बैठक में संस्थान की शोध गतिविधियों, किसानोन्मुख कार्यक्रमों तथा वर्ष 2025 की उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।
बैठक की अध्यक्षता RAC चेयरमैन डॉ. वाई हरीबाबू (पूर्व कुलपति, तिरुपति वेटरनरी कॉलेज, आंध्रप्रदेश) द्वारा की जा रही है। समिति में विभिन्न प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें डॉ. के. एस. रिसम (पूर्व प्रसार निदेशक, शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, जम्मू), डॉ. सर्वाजीत यादव (प्रोफेसर, दुवासु मथुरा), डॉ. ए. के. शिंदे (पूर्व प्रधान वैज्ञानिक, अविकानगर), डॉ. अशोक कुमार एवं डॉ. एच. के. नरूला (सहायक महानिदेशक, आईसीएआर), डॉ. एस. के. चट्टोपाध्याय (पूर्व प्रधान वैज्ञानिक, सिरकोट, मुंबई) तथा डॉ. एस. के. हाडिया आनंद शामिल हैं।
संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर एवं RAC सचिव डॉ. सी. पी. स्वर्णकार ने बैठक के प्रारंभ में पिछले वर्ष समिति द्वारा दिए गए सुझावों के अनुपालन और वर्ष 2025 की प्रगति रिपोर्ट का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इसके बाद विभिन्न विभागों एवं अनुभागों के प्रभारी अधिकारियों ने अपने-अपने शोध कार्यों, नवाचारों और भेड़-बकरी पालक किसानों के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दी।
बैठक के दौरान समिति ने अनुसंधान की गुणवत्ता, नई प्रजनन तकनीकों, ऊन उत्पादन में सुधार, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन तथा किसानों की आय बढ़ाने से संबंधित योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। समिति द्वारा दिए गए सुझावों एवं निर्देशों को पीएमई प्रभारी एवं RAC सचिव डॉ. सी. पी. स्वर्णकार द्वारा विधिवत दर्ज किया जा रहा है, ताकि आगामी कार्ययोजना में उन्हें शामिल किया जा सके।
RAC समिति द्वारा संस्थान के पशु फार्म एवं अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का भी भ्रमण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान वैज्ञानिकों द्वारा चल रहे प्रोजेक्ट्स, नस्ल सुधार कार्यक्रम, ऊन की गुणवत्ता परीक्षण और पोषण संबंधी अनुसंधान गतिविधियों का अवलोकन किया जाएगा। समिति के सुझावों के आधार पर भविष्य में भेड़ एवं बकरी पालकों की जरूरतों के अनुरूप शोध कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।




